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Ali Khamenei Funeral: अली खामेनेई का ताबूत देख गालिबाफ-अराघची की आंखें नम, अंतिम विदाई में उमड़ेंगे लाखों लोग

15 अगस्त विज्ञापन


ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार को तेहरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के दौरान भावुक हो गए। फार्स न्यूज के अनुसार, इस वर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के हमलों में मारे गए खामेनेई के शोक समारोह की शुरुआत हो गई है।

फार्स न्यूज के मुताबिक, तेहरान के गवर्नर मोहम्मद सादेघ मोतमेदियन ने कहा, “शहीद नेता के अंतिम दर्शन और अंतिम विदाई समारोह के दौरान सुरक्षा के सर्वोच्च स्तर के इंतजाम किए जाएंगे।” उन्होंने कहा, “आज सुबह ठीक छह बजे तेहरान के प्रेयर ग्राउंड के द्वार खोले जाएंगे। इससे पहले प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।” उन्होंने लोगों से अपील की, “लोग इसी समय से प्रेयर ग्राउंड पहुंचने की योजना बनाएं।”

अंतिम यात्रा पर बगदाद भी रहेगा बंद

फार्स न्यूज ने यह भी बताया कि बगदाद के गवर्नर अतवान अल-अतवानी की घोषणा के बाद इस्लामी क्रांति के नेता की अंतिम यात्रा पर बगदाद में भी बंद रहेगा। भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने शुक्रवार को अंतिम संस्कार समारोह में प्रतिनिधित्व किया।

ईरान ने शुक्रवार को दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के 4 से 9 जुलाई तक चलने वाले अंतिम संस्कार की तैयारियां कर ली हैं। इस अंतिम संस्कार में अमेरिका या इस्राइल से किसी भी हमले पर भयंकर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए ग्रैंड मोसाला में खामनेई का ताबूत उन परिवारों के ताबूतों के बीच रख दिया गया है जो इस्राइली हमले में मारे गए थे।

राजधानी की सड़कों पर शुक्रवार से ही देश के दूरस्थ हिस्सों से लोग जुटना शुरू हो गए। छह दिन चलने वाले कार्यक्रम में लाखों लोग जुटेंगे। इस बीच सुरक्षा कारणों से अयातुल्ला के पुत्र और मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा खामनेई अंतिम संस्कार में शामिल न होने की भी खबरें हैं।

इराक में भी ले जाया जाएगा पार्थिव शरीर

शनिवार से ईरान में खामनेई का अंतिम संस्कार कई दिनों तक चलेगा और उनके पार्थिव शरीर को ईरान तथा पड़ोसी देश इराक के शहरों में ले जाया जाएगा। इस बीच, तेहरान की सड़कों, हवाई क्षेत्र और जनजीवन को बंद करने की योजना बनाई गई है।

लाल झंडे में लिपटा खामनेई का ताबूत

सरकारी मीडिया ने खामनेई के ताबूत की तस्वीरें भी दिखाईं। इस पर लाल रंग का झंडा लिपटा था। इस पर सफेद कैलीग्राफी में या हुसैन लिखा था, जो शिया समुदाय का वाक्यांश पैगंबर साहब के पोते की 7वीं सदी की शहादत की याद दिलाता है। यह झंडा इराक के कर्बला में इमाम हुसैन के सुनहरे गुंबद वाले मजार पर लहराता रहा था। यह झंडा पारंपरिक रूप से अन्यायपूर्ण तरीके से मारे गए व्यक्ति के बहे खून और बदला लेने की पुकार, दोनों का प्रतीक माना जाता है।

महीनों बाद सामने आए जनरल वाहिदी

अमेरिका-इस्राइल तनाव पर भी ईरानी अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड का नेतृत्व करने वाले एक ताकतवर जनरल अहमद वाहिदी अंतिम संस्कार के लिए महीनों बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए। अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे स्वयंसेवक मोहम्मद हुसैन रेजाई ने कहा, जब तक (ईश्वर द्वारा) चुने गए ये लोग मैदान में हैं, हम निश्चित रूप से अपमान को न सहने की वही नीति जारी रखेंगे जिसे इस्लामिक रिपब्लिक ने शुरू किया था।



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