
गौरीशंकर गुप्ता रायगढ़: रायगढ़ जिले के न्यायालय ने मासूमों और महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की मिसाल कायम करते हुए एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी (पॉक्सो) देवेंद्र साहू की अदालत ने POCSO एक्ट के तहत दर्ज मामले में आरोपी सूरज निषाद को शेष प्राकृतिक जीवन तक की कठोर कारावास की सजा भुगतने का आदेश दिया। साथ ही, पीड़िता को 7 लाख रुपये के मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश भी जारी किया गया। यह फैसला न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि पीड़ितों के लिए न्याय की उम्मीद को मजबूत करता है।
मामला महिला थाना रायगढ़ में दर्ज हुआ था, जिसमें आरोपी सूरज निषाद ने एक नाबालिग मासूम के साथ लंबे समय तक शोषण किया। पीड़िता की उम्र घटना के समय महज 10 वर्ष से कम बताई जा रही है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी पड़ोस का निवासी था और विश्वास का फायदा उठाकर पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपराध किया। घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता की तबीयत खराब होने पर परिजनों को संदेह हुआ और उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई। मेडिकल जांच में अपराध की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 से अधिक गवाहों के बयान पेश किए, जिनमें पीड़िता के परिजन, पड़ोसी और चिकित्सक शामिल थे। आरोपी ने अपना अपराध पूरी तरह नकारा, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने उसे दोषी ठहराया। न्यायाधीश देवेंद्र साहू ने फैसले में कहा कि ऐसे जघन्य अपराध समाज के लिए कैंसर हैं, जिन्हें जड़ से उखाड़ना जरूरी है। POCSO एक्ट की धारा 4, 6 और 376 के तहत सजा सुनाई गई। कोर्ट ने साफ कहा कि आरोपी को आजीवन कारावास का मतलब शेष जीवन जेल में ही व्यतीत करना है, कोई छूट नहीं मिलेगी।
इसके अलावा, अदालत ने पीड़िता के मानसिक और शारीरिक पुनर्वास के लिए 7 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। यह राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से दी जाएगी, ताकि पीड़िता को शिक्षा, चिकित्सा और अन्य सहायता मिल सके। फैसले पर पीड़िता के परिजनों ने संतोष जताया, लेकिन उन्होंने कहा कि कोई सजा मासूम की जिंदगी वापस नहीं ला सकती। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे छत्तीसगढ़ में POCSO मामलों के लिए नजीर बताया।
रायगढ़ SSP शशि मोहन सिंह ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पुलिस ऐसे अपराधों के खिलाफ सतत अभियान चला रही है। जिले में पिछले एक वर्ष में POCSO के दर्जनों मामलों में तेजी से कार्रवाई हुई है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों पर नजर रखें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें। महिला थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को तुरंत जेल भेज दिया गया है।
यह फैसला नारी सशक्तिकरण और बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रायगढ़ जिला अब ऐसे मामलों में सख्ती के लिए जाना जाएगा। स्थानीय लोगों ने न्यायालय की सराहना की और उम्मीद जताई कि इससे अन्य अपराधी सबक लेंगे। जागरूकता अभियानों को तेज करने की जरूरत बताई जा रही है, ताकि समाज में ऐसी घटनाएं रुकें।




