छत्तीसगढ़टॉप न्यूज़राज्य

“बिलासपुर नसबंदी कांड: 11 साल बाद फैसला, 5 आरोपी बरी ,सर्जन डॉ गुप्ता को 2 साल की सजा”

“बिलासपुर नसबंदी कांड: 11 साल बाद फैसला, 5 आरोपी बरी ,सर्जन डॉ गुप्ता को 2 साल की सजा”

15 अगस्त विज्ञापन

गौरीशंकर गुप्ता /बिलासपुर: बिलासपुर के बहुचर्चित नसबंदी कांड में अदालत ने लगभग 11 साल बाद फैसला सुनाया है। इस मामले में एक सर्जन सहित कुल 6 आरोपी थे, जिनमें से कोर्ट ने पांच को बरी कर दिया है, जबकि मुख्य सर्जन डॉ आरके गुप्ता को दोषी पाते हुए दो साल की सजा और भारी जुर्माने की सजा सुनाई है।

यह घटना बिलासपुर जिले के पंचायत दाल भानपुर के एक नसबंदी शिविर से जुड़ी है, जहां 2014 में हुई लापरवाह नसबंदी प्रक्रिया के बाद 18 महिलाएं हॉस्पिटल में भर्ती हुई थीं और उनमें से 12 की मौत हो गई। इसे छत्तीसगढ़ के सबसे दर्दनाक स्वास्थ्य नीति और लापरवाहता के मामले में लिया जाता है।

कोर्ट के फैसले में जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉ गुप्ता के खिलाफ आरोप साबित पाए गए हैं, जिनमें अनियमित तरीके से नसबंदी करना, जरूरी चिकित्सा दिशानिर्देशों का उल्लंघन, और महिलाओं की जान के साथ लापरवाही बरतना शामिल है। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 304(2) (लापरवाही से जान लेने का अपराध) के तहत दो साल की सजा और हर मृतक महिला के लिए अलग‑अलग जुर्माने की रकम लगाई है।

दूसरी ओर पांच अन्य आरोपी, जिनमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और शिविर संचालक स्टाफ के सदस्य शामिल थे, के खिलाफ कोर्ट ने आरोपों को पर्याप्त नहीं पाया और उन्हें “अपरोधित नहीं साबित होने” के कारण बरी कर दिया गया। इस फैसले से पीड़ित परिवारों के बीच अपूरी न्याय की भावना भी जताई जा रही है, क्योंकि उनका कहना है कि उच्चस्तरीय लापरवाही में कई और अधिकारियों की भूमिका थी, जिन्हें न्यायालय की कार्यवाही में शामिल नहीं किया गया।

इस मामले ने नसबंदी शिविरों की गुणवत्ता, चिकित्सा मानकों और स्वास्थ्य नीति पर फिर से गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए न जोखिम भरी प्रक्रियाओं का दबाव‑आधारित लक्ष्यबद्ध तरीके से संचालन होना चाहिए, और न ही आवश्यक चिकित्सा औषधियों, उपकरणों और कार्यशाला जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को नजरअंदाज किया जाना चाहिए।

15 अगस्त विज्ञापन
विज्ञापन 1
विज्ञापन 2
विज्ञापन 3
विज्ञापन 4
विज्ञापन 5
विज्ञापन 6
विज्ञापन 7
विज्ञापन 8

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!