सीतानदी टाइगर रिजर्व: सड़क किनारे नर-मादा तेंदुए की दुर्लभ जोड़ी, इलाके में दहशत
Sitanadi Tiger Reserve: Rare pair of male and female leopards spotted by the roadside, causing panic in the area.

धमतरी : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व रविवार देर रात एक दुर्लभ वन्यजीव दृश्य के कारण सुर्खियों में छा गया। सीतानदी अभयारण्य के पास सड़क किनारे नर और मादा तेंदुए को एक साथ विचरण करते देखा गया, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। वन विभाग की गश्ती टीम ने इस नजारे को कैमरे में कैद कर लिया, जो संरक्षित क्षेत्र में वन्यजीवों की स्वस्थ आबादी का प्रमाण है।
देर रात करीब 11 बजे घटी। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के घने जंगलों से गुजरने वाली सड़क पर नियमित गश्त कर रही वन विभाग की टीम को यह दुर्लभ दृश्य दिखाई दिया। एक नर और एक मादा तेंदुआ आराम से सड़क किनारे चहलकदमी कर रहे थे, जो आमतौर पर रात के अंधेरे में ही सक्रिय होते हैं। टीम के सदस्यों ने बिना शोर मचाए अपनी गाड़ी रोककर तस्वीरें और वीडियो क्लिक किए। यह जोड़ी करीब 10 मिनट तक क्षेत्र में घूमती रही, फिर जंगल की ओर लौट गई।
वन्यजीवों की सक्रियता
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व छत्तीसगढ़ का महत्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्र है, जो धमतरी और गरियाबंद जिलों में फैला हुआ है। यहां बाघ, तेंदुआ, चीतल, सांभर जैसे कई वन्यजीवों की अच्छी आबादी है। नर-मादा तेंदुओं को एक साथ देखना दुर्लभ होता है, क्योंकि ये एकाकी स्वभाव के होते हैं और केवल संभोग काल में ही करीब आते हैं। वन अधिकारियों का कहना है कि यह दृश्य रिजर्व में शिकार की उपलब्धता और सुरक्षित वातावरण का संकेत देता है।
इलाके में दहशत का माहौल
तेंदुओं की यह सैर आसपास के गांवों में दहशत पैदा कर गई। सोमवार सुबह ही स्थानीय निवासियों ने वन विभाग को सूचना दी और सड़क मार्गों पर सतर्कता बरतने को कहा। ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में पशुओं के लापता होने की शिकायतें बढ़ी हैं, जिससे भय का माहौल है। वन विभाग ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया और लोगों से रात में अकेले जंगल किनारे न घूमने की सलाह दी।
घटना की सूचना मिलते ही रिजर्व के उप निदेशक वरुण जैन के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। ट्रैप कैमरों की जांच की गई और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त गश्त शुरू कर दी गई। अधिकारियों ने तेंदुओं को परेशान न करने और दूरी बनाए रखने की अपील की। साथ ही, ट्रैप कैमरों से प्राप्त तस्वीरें विश्लेषण के लिए भेजी गई हैं ताकि इन तेंदुओं की पहचान हो सके।
संरक्षण प्रयासों की सफलता
यह घटना रिजर्व के संरक्षण कार्यों की सफलता को दर्शाती है। वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे ‘प्रेय बेस ऑगमेंटेशन’ कार्यक्रम के तहत हिरणों की संख्या बढ़ाई गई है, जो शिकारियों के लिए भोजन उपलब्ध करा रहा है। हाल ही में यहां जाइंट गिलहरी जैसे दुर्लभ प्राणी भी देखे गए, जो जैव विविधता की समृद्धि दिखाता है। रिजर्व प्रबंधन ने पर्यटकों के लिए नए सेफ्टी प्रोटोकॉल लागू करने का फैसला किया है।
आसपास के गांवों जैसे बागबहड़ा, अर्दबीन में लोग सतर्क हैं। ग्रामीणों ने बाड़ेबंदी और जागरूकता शिविरों की मांग की है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए बफर जोन में लाइटिंग और फेंसिंग जरूरी है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन सुरक्षा के निर्देश जारी किए हैं।
टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की बढ़ती संख्या खुशी की बात है, लेकिन इससे मानव-वन्यजीव टकराव की आशंका बढ़ जाती है। वन विभाग ने अवैध चराई और अतिक्रमण पर सख्ती बढ़ा दी है। पर्यटकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित सफारी ट्रैक पर ही रहें। यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए जागरूकता का संदेश है कि प्रकृति संरक्षण में सबकी भागीदारी जरूरी है।




