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कुत्ते के नाम के विकल्प में ‘राम’ लिखने पर बवाल, प्रिंसिपल और शिक्षिका निलंबित, हिंदू संगठनों ने की FIR की मांग

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CG News: छत्तीसगढ़ के रायपुर में अर्धवार्षिक परीक्षा में कक्षा चौथी के अंग्रेजी विषय के पेपर में कुत्ते के नाम वाले विकल्प में राम का नाम शामिल करने क …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 10 Jan 2026 09:53:26 PM (IST)Updated Date: Sat, 10 Jan 2026 09:53:26 PM (IST)

चौथी के पर्चे में ‘राम’ नाम पर विवाद

HighLights

  1. चौथी के पर्चे में ‘राम’ नाम पर विवाद
  2. प्रधान पाठक को निलंबित किया गया
  3. मॉडरेटर की सेवा समाप्ति की तैयारी

संदीप तिवारी, नईदुनिया, रायपुर। अर्धवार्षिक परीक्षा में कक्षा चौथी के अंग्रेजी विषय के पेपर में कुत्ते के नाम वाले विकल्प में राम का नाम शामिल करने के चलते मचे बवाल के बीच शनिवार को जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर के हिंमाशु भारतीय ने कार्रवाई की है। प्रश्न पत्र बनाने वाली प्रधानपाठक और शिक्षिका को निलंबित कर दिया है। साथ ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। पेपर निर्माण कर्ता शिक्षिका शिखा सोनी हैं, जो शासकीय प्राथमिक शाला नकटी (खपरी) में प्रधानपाठक के रूप में पदस्थ हैं, उन्हें दोषी मानते हुए कार्रवाई की गई है।

शिखा सोनी ने स्पष्टीकरण में कहा कि वे ‘रामू’ लिखना चाहती थीं, लेकिन अंग्रेजी का ‘यू’ अक्षर छूट जाने के कारण वह ‘राम’ अंकित हो गया। उन्होंने इसे अनजाने में हुई गलती बताते हुए खेद प्रकट किया है। वहीं पेपर मॉडरेटर की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मॉडरेशन नम्रता वर्मा (सहायक शिक्षक-संविदा) ने किया है। जिन्हें सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की जा रही है।

सही शिक्षक और मॉडरेटर का चयन न करने के कारण विकासखंड शिक्षा अधिकारी तिल्दा और प्राचार्य शहीद स्मारक स्वामी आत्मानंद स्कूल को भी चेतावनी पत्र जारी किया गया है। विवादास्पद पेपर रायपुर समेत महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी और बलौदाबाजार में रायपुर संभाग के सभी जिलों में बांटा गया है। मामले में लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने केवल महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस देकर जवाब-तलब किया है।

क्या है पूरा मामला?

शिक्षा सत्र 2025-26 के तहत आयोजित अर्द्धवार्षिक परीक्षा में कक्षा चौथी के अंग्रेजी प्रश्न पत्र में एक सवाल पूछा गया था कि “मोना के कुत्ते का नाम क्या है?”। इस बहुविकल्पीय प्रश्न के उत्तर के लिए चार विकल्प दिए गए थे, जिनमें ‘शेरू’ के साथ ‘राम’ नाम का विकल्प भी शामिल था। इस मामले की शिकायत होने पर विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और माना कि ‘राम’ हिंदू धर्म के आराध्य देव हैं और कुत्ते के नाम के विकल्प के रूप में उनका नाम देना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है। मामले में शिक्षा विभाग ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी।

लोक शिक्षण संचालनालय से नियंत्रण से बाहर हुई परीक्षा: हर साल दिसंबर में ही छमाही परीक्षा आयोजित की जाती रही है, मगर सूत्र बता रहे है कि इस बार लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने मनपसंद प्रकाशकों से प्रश्न पत्र छपवाने के चक्कर में देरी कर दी। कई जिलों में पहले ही परीक्षा हो गई है और रायपुर संभाग में अकादमिक कैलेंडर से खिलवाड़ करते हुए जनवरी में परीक्षा ली जा रही है। सूत्रों के अनुसार पूरा खेल 40 करोड़ का है। गोपनीयता की आड़ पर संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने अलग-अलग जिलों के लिए अलग-प्रकाशकों को प्रिंटिंग की जिम्मेदारी दी थी।

यह भी पढ़ें- मिड-डे मील के कचरे ने बुलाया ‘मौत’ का झुंड, आवारा कुत्तों के हमले में शिक्षिका समेत 4 छात्र घायल

हिंदू संगठनों ने की संचालक पर कार्रवाई की मांग

गरियाबंद में हिंदू संगठनों ने शनिवार को जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कड़ा विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने न केवल नारेबाजी की, बल्कि डीईओ का पुतला भी फूंका। विहिप और बजरंग दल समेत अन्य हिंदू संगठनों ने स्थानीय थाने में ज्ञापन सौंपकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर (प्राथमिकी) दर्ज करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह केवल एक प्रिंटिंग की गलती नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे की मंशा की जांच हर स्तर पर होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। संगठनों ने मांग की है कि इसमें लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी की कार्यप्रणाली की भी जांच होनी चाहिए।

प्रश्न पत्र माडरेट करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है। बीईओ और संबंधित प्राचार्य को भी नोटिस दिया गया है। – हिमांशु भारतीय, डीईओ, रायपुर।



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